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भाजपा की न्यू जॉइनिंग टोली की हुई बैठक

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भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दल बदल का दौर जारी है। इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने न्यू जॉइनिंग टोली का गठन किया है। भाजपा में एंट्री से पहले नेताओं की स्क्रीनिंग होगी। इसे लेकर भाजपा प्रदेश कार्यलाय में न्यू जॉइनिंग टोली की बैठक हुई। मीटिंग के बाद समिति प्रभारी नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कई लोग भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हैं। वहीं मंत्री कमल पटेल ने कहा कि भाजपा में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।
मंगलवार को न्यू जॉइनिंग टोली की पहली बैठक भाजपा कार्यालय में बैठक हुई। जिसमें सदस्यता को लेकर रणनीति बनाई गई। भाजपा सदस्यता देने से पहले कुंडली खंगालेगी। नए लोगों को सदस्यता देने से पहले उसकी कुंडली खंगाली जाएगी। कुंडली देखने के बाद ही विक्षपी नेताओं को भाजपा में सदस्यता मिलेगी। इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और हितानंद शर्मा मौजूद रहे।
न्यू ज्वाइनिंग टोली की पहली बैठक भाजपा कार्यालय में बैठक हुई। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और हितानंद शर्मा मौजूद रहे। बैठक के बाद मंत्री कमल पटेल ने मीडिया से चर्चा में कहा- अपराधियों की भाजपा में कोई जगह नहीं है। सबको भाजपा में जोड़ा जाएगा। लेकिन, आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को स्थान नहीं मिलेगा। हमारी पार्टी में शामिल होने वालों की लंबी कतार है।
भाजपा संगठन की ओर से बनाई गई न्यू जॉइनिंग टोली यह तय करेगी कि जो नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल होने वाले हैं उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि तो नहीं है। महिला उत्पीडऩ, छेड़छाड़, यौन अपराधों जैसे संगीन मामलों में आरोपी तो नहीं है। पार्टी में एंट्री के पहले छवि का भी ध्यान रखा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नेता ने पीएम नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, सीएम शिवराज सहित पार्टी के किसी सीनियर नेता के खिलाफ बयानबाजी तो नहीं की। इसके साथ ही पार्टी की टीम उस नेता का सोशल मीडिया अकाउंट भी देखेगी।
चुनाव के पहले भाजपा ने मप्र के अलग-अलग इलाकों की जाति, वर्गों को साधने के लिए सामाजिक टोली बनाई है। इस टोली में क्षेत्रवार नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। ये नेता अपने इलाकों की जातियों और सामाजिक संगठनों से चर्चा करके उनकी समस्याएं और नाराजगी को समझेंगे।

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