मुख्यमंत्री चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से लोगों की जिन्दगी आसान बनाये,मानवीय योजना है संबल, पूर्व सरकार ने की थी बंद, हमने जोड़े नए आयाम आपदा से प्रभावित 26 हजार से अधिक मजदूर भाइयों को मिले 583 करोड़ रूपए,संबल 2.0 में जोड़े गए 17 लाख पात्र श्रमिकों के नाम।
भोपाल 11जुलाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि त्रि-स्तरीय पंचायत, राज्य संस्थाओं के प्रतिनिधि ग्रामीण विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। मनरेगा फंड सहित अन्य योजनाओं की राशि का सदुपयोग करते हुए लोगों की जिन्दगी को आसान बनाने का कार्य किया जाए। संबल योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाने के लिए सजग और सक्रिय रहें।
मुख्यमंत्री चौहान ने आज समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से वीसी द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में 26 हजार 150 श्रमिकों को 583 करोड़ 36 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने पंचायत राज प्रतिनिधियों से संवाद भी किया। संवाद में प्रदेश के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों सहित जिला एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी वर्चुअली जुड़े।
पंचायत पदाधिकारियों के मानदेय और अन्य सुविधाओं में वृद्धि
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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि श्रमिक परिवारों को प्राप्त सहायता राशि उनके लिए संबल साबित होगी। जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, उप सरपंच, पंच आदि के मानदेय में लगभग तीन गुना वृद्धि की जा रही है। इसके साथ ही वाहन भत्ता भी बढ़ाया जाएगा। शीघ्र ही इस संबंध में आदेश जारी होंगे। निर्विरोध चुनी गई 705 पंचायतों को 55 करोड़ 20 लाख रूपए की राशि जारी कर दी गई है।
प्राप्त राहत राशि से आजीविका की गाड़ी चलेगी
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज संबल योजना में दी गई राशि से मजदूर परिवारों की आजीविका की गाड़ी चल सकेगी। संबल योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में हुई थी। 16 मई 2022 को मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल 2.0) लागू की गई। गरीब श्रमिकों को रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा संकट की स्थिति में आर्थिक सहायता मिले, इस उद्देश्य से योजना प्रारंभ की गई थी। परिवार में किसी के बीमार होने, प्रसूति, दिव्यांगता और असामयिक मृत्यु पर परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दरिद्र नारायण के सेवा के विचार को क्रियान्वित करने के लिए योजना प्रारंभ की गई। पूर्व सरकार ने योजना में पात्र हितग्राहियों के नाम काटने और योजना को बंद करने का श्रमिक विरोधी कार्य किया। हमने इसे पुन: प्रारंभ कर नए आयाम जोड़े। अभियान संचालित कर संबल-2.0 में 17 लाख पात्र नाम जोड़े गए।