Home दुनिया अमेरिका में भारतीय दूतावास को लगाई आग, खालिस्तानियों ने की वारदात

अमेरिका में भारतीय दूतावास को लगाई आग, खालिस्तानियों ने की वारदात

0

वॉशिंगटन । अमेरिका में भारतीय दूतावास को खालिस्तानी समर्थकों ने आधी रात आग के हवाले कर ‎दिया। गनीमत रही ‎कि जल्दी ही आग पर काबू पा ‎लिया गया, ‎जिससे अ‎धिक नुकसान नहीं हुआ। बता दें ‎कि सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के 8 जुलाई से विदेश में बने भारतीय दूतावासों को घेरने के ऐलान के अगले ही दिन इस वारदात को अंजाम दिया गया है। हालां‎कि एफबीआई इस मामले की जांच में जुट गई है। खालिस्तानी समर्थकों ने घटना से संबंधित एक वीडियो भी शेयर किया गया है। वीडियो के मुताबिक भारतीय दूतावास में आग लगने की घटना 2 जुलाई की रात की है। ‎जिसमें सैन फ्रांसिस्को के भारतीय दूतावास को खालिस्तानी समर्थकों ने निशाना बनाया। मी‎डिया में आई ‎रिपोर्ट के मुता‎बिक संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में रविवार (स्थानीय समय) पर खालिस्तान समर्थकों द्वारा कथित बर्बरता और आगजनी के प्रयास की कड़ी निंदा की। इधर भारत सरकार ने भी इसकी कड़ी ‎निंदा की है।
प्राप्त खबरों के मु‎ता‎बिक खालिस्तानी कट्टरपंथियों ने रात 1:30 से 2:30 बजे के बीच भारतीय वाणिज्य दूतावास में आग लगा दी। इसके तुरंत बाद ही सैन फ्रांसिस्को अग्निशमन विभाग ने इसे बुझा दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि नुकसान सीमित था, लेकिन घटना में कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ। कथित तौर पर खालिस्तान समर्थकों ने घटना के संबंध में एक वीडियो जारी किया। वीडियो में इसे बीते महीने कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का बदला बताया गया है। आतंकी निज्जर को बीते महीने कनाडा के सरी में गुरु नानक गुरद्वारे के कार पार्किंग में दो अज्ञात बाइक सवारों ने गोलियां मार दी थी।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने ट्वीट करते हुए कहा ‎कि अमेरिका शनिवार को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास के खिलाफ कथित बर्बरता और आगजनी के प्रयास की कड़ी निंदा करता है। अमेरिका में राजनयिक सुविधाओं या विदेशी राजनयिकों के खिलाफ बर्बरता या हिंसा एक आपराधिक अपराध है। यह घटना मार्च में खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला करने और उसे क्षतिग्रस्त करने के कुछ महीनों बाद हुई, जिसकी भारत सरकार और भारतीय-अमेरिकियों ने तीखी निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here